नोटबंदी: Note Ban Hit RBI Badly, Central Bank Had To Spend 13k Crore To Print New Currency

नए नोट छापने में RBI के 13 हजार करोड़ खर्च, 84% करंसी सिस्टम में लौटी

नवंबर में नोटबंदी के बाद नई करंसी प्रिंट करने में आरबीआई के 13 हजार करोड़ रुपए तक खर्च हो गए। इसका खुलासा एसबीआई की एक रिपोर्ट में हुआ। आरबीआई अगर नोटबंदी से पहले मौजूद करंसी का 90% प्रिंट करता है तो ये खर्च 500 करोड़ रुपए और बढ़ सकता है। नोटबंदी से पहले मौजूद करंसी की तुलना में अभी 84% करंसी ही सिस्टम में आई है। 500 और 2000 रुपए पर सबसे ज्यादा खर्च…

– एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के समय 15.44 लाख करोड़ रुपए वैल्यू की करंसी वापस ली गई थी। इसमें से अभी तक 84% करंसी सिस्टम में वापस आई।
– नई करंसी की प्रिंटिंग पर आरबीआई अभी तक 12-13 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। अब आरबीआई 200 रुपए के नोट भी प्रिंट कर रहा है। ऐसे में अगर 500 के साथ-साथ 200 रुपए के नोट भी प्रिंट करता है तो खर्च और बढ़ने की आशंका है।

किस करंसी पर कितना आया खर्च
करंसी
अधिकतम लागत (करोड़ रुपए)
10
840
20
1370
50
710
100
2740
500
3980
1000
200
2000
830
ढुलाई खर्च
800
सिक्कों पर खर्च
1500
कुल खर्च
13000 करोड़

कितनी है प्रिटिंग कॉस्ट

– एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 रुपए के एक सिक्के पर 6 रुपए का खर्च आया है।
– हर 500 रुपए के नोट पर 2.87 रुपए से लेकर 3.09 रुपए का प्रिटिंग खर्च आया है। जबकि 2000 रुपए के हर नोट पर 3.54 से 3.77 रुपए का खर्च आया है।

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