Education Tonk: The Order Passed By The Rajasthan High Court

राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिए आदेश, सरकार करे पुनर्विचार

 राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने शिक्षा विभाग को दिए हैं। न्यायालय ने आरटीई के प्रावधानों के अनुसार और छात्र हित में तीन सप्ताह का समय दिया है।

टोंक

टोंक . मालपुरा के टोरडी पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जनकपुरा को खेड़ा मलूकानगर में मर्ज करने के मामले में पुर्नविचार करने के आदेश मंगलवार को राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने शिक्षा विभाग को दिए हैं। न्यायालय ने आरटीई के प्रावधानों के अनुसार और छात्र हित में  तीन सप्ताह का समय दिया है।

न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश जनकपुरा निवासी गोपाललाल जाट और अन्य की ओर से अधिवक्ता लक्ष्मीकान्त शर्मा के जरिए दायर की गई याचिका की सुनवाई के बाद निस्तारण करते हुए दिए हैं।

याचिका में बताया की राज्य सरकार ने गत 11 अप्रेल को कम छात्र संख्या के चलते जनकपुरा की स्कूल को करीब 5 किलोमीटर दूर खेड़ा मलूकानगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में मर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई।

इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता एस. के. गुप्ता की मौजूदगी में याचिका का निस्तारण करते हुए आदेश दिए कि 3 सप्तााह में स्कूल को मर्ज किए जाने के आदेश पर पुर्नविचार करे। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के गत 3 मई के अंक  में ‘नहीं दिया ध्यान, अब हो रहे परेशान शीर्षक से प्रकाशित खबर को भी याचिका में आधार बनाया गया था।

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