International: Foreign Secretary Says China Aggressive In Its Stand On Dokalam

On Tuesday, Jaishankar was telling a parliamentary committee of foreign affairs about China’s position on the border. There were also Rahul in the committee.

New Delhi.

Foreign Secretary S. Jayashankar has told the Parliamentary panel that China’s stand on the Dokmal in Sikkim sector has been aggressive. He is also presenting the border wrongly. Jaishankar also said that India’s position on the China-India border under Anglo-China agreements is same as in 1985. China will talk diplomatic way …

फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर ने पार्लियामेंट्री पैनल से कहा है कि सिक्किम सेक्टर में स्थित डोकलाम पर चीन का रुख आक्रामक रहा है। वह बॉर्डर को भी गलत तरीके से पेश कर रहा है। जयशंकर ने ये भी कहा कि एंग्लो-चीन एग्रीमेंट के तहत चीन-इंडिया बॉर्डर पर भारत की पोजिशन 1985 से एक जैसी है। चीन से डिप्लोमैटिक तरीके से बात करेंगे…

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक संसदीय कमेटी के एक मेंबर ने बताया, “जयशंकर का कहना है कि बॉर्डर मसले पर चीन का रवैया आक्रामक रहता है लेकिन इसमें जटिल कुछ भी नहीं है। कुछ दिनों के अंतर से वह ये मसला उठाता रहता है। इसके लिए हम चीन से डिप्लोमैटिक तरीके से बात करेंगे।”
– मेंबर ने ये भी बताया, “जयशंकर ने जंग जैसे हालात का जिक्र नहीं किया।”

और क्या बोले जयशंकर?
– मंगलवार को जयशंकर विदेश मामलों की एक संसदीय कमेटी को बॉर्डर पर चीन की स्थिति बता रहे थे। कमेटी के करीब 20 मेंबर्स ब्रीफिंग के दौरान मौजूद थे।
– जयशंकर ने बताया कि भारत, चीन के साथ डिप्लोमैटिक तरीके से तनाव कम करना चाहता है।
– “बॉर्डर पर भारत ने अपनी पोजिशन तय कर रखी है, चीन की भी अपनी पोजिशन है। लेकिन इसे वह गलत तरीके से बताने की कोशिश करता है।”
– मीटिंग के दौरान राहुल गांधी भी मौजूद थे। एक मेंबर के मुताबिक राहुल ने जयशंकर से पूछा कि क्या चीन भूटान को ये मैसेज देने की कोशिश कर रहा है कि भारत उसकी मदद नहीं करेगा?
– ब्रीफिंग के दौरान शशि थरूर (पैनल चेयरमैन), सीपीएम के मोहम्मद सलीम, टीएमसी के सौगत बोस और बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी मौजूद थे।

अमेरिका ने भारत-चीन सीमा विवाद पर जताई चिंता
– अमेरिका ने भारत-चीन सीमा पर बढ़ती तल्खी पर चिंता जताई है।
– अमेरिका विदेश विभाग की स्पोक्सपर्सन हीदर नॉअर्ट ने कहा, “भारत-चीन बॉर्डर पर बढ़ते तनाव पर अमेरिका लगातार नजर रखे हुए है। हमें भरोसा है कि दोनों पक्ष शांति के लिए एकसाथ मिलकर कोई रास्ता निकालेंगे।”

कितनी लंबी बॉर्डर?
– भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी बॉर्डर है। ये जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है।
– इस बॉर्डर का एक हिस्सा (करीब 220 किलोमीटर) सिक्किम में आता है। इसी इलाके के एक सेक्शन को लेकर विवाद है।

क्या है सिक्किम डोकलाम विवाद?
– सिक्किम के डोकलाम एरिया में विवाद इसी साल 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
– दरअसल, ये इलाका एक ट्राई जंक्शन (तीन देशों की सीमाएं मिलने वाली जगह) है। चीन यहां सड़क बनाना चाहता है, लेकिन भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं।
– डोकलाम इलाके में 33 दिन से भारत और चीन की सैनिक टुकड़ी आमने-सामने है। चीनी सैनिकों के अड़ियल रवैये को देखते हुए इंडियन आर्मी के जवानों ने भी डोकलाम में 9 जुलाई से अपने तंबू गाड़ रखे हैं और वहां से हटने से इनकार कर दिया है। दोनों देशों की 60-70 सैनिकों की टुकड़ी 100 मीटर की दूरी पर आमने-सामने डटी हैं। दोनों ओर की सेनाएं भी यहां से 10-15 km की दूरी पर तैनात हैं।
– इंडियन डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि जब तक चीन के सैनिक सड़क निर्माण से पीछे नहीं हटते, भारतीय सैनिक नॉन काम्बैट मोड में डोकलाम में डटे रहेंगे। उधर, चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत की पूर्व शर्त भारतीय सैनिकों का डोकलाम से पीछे हटना है। इस मामले में मोलभाव के लिए कोई जगह नहीं है।

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