National: G20 Summit In Hamburg News And Upadets

आतंकवाद तभी खत्म होगा, जब आतंकियों को पनाह न मिले: G-20 देशों की राय

हैम्बर्ग (जर्मनी). यहां चल रहे जी-20 समिट में पहले दिन शुक्रवार को आतंकवाद पर बातचीत हुई। मीटिंग के आखिर में ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि सभी नेताओं ने एकमत से आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसके खिलाफ एक साथ लड़ने पर जोर दिया। साथ ही सभी ने कहा कि दुनिया के हर हिस्से से आतंकियों की पनाहगाहों खत्म किया जाना चाहिए। आतंक का खात्मा तभी संभव है जब आतंकियों को पनाह न मिले..
– इस समिट के पहले दिन आतंकवाद से निपटने के लिए आतंकवाद से जुड़ी जानकारी साझा करने जैसे 21 प्वाइंट्स पर एक साथ काम करने पर जोर दिया गया। इस बात पर भी राय बनी कि आतंकवाद के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल न हो, इसके लिए सभी साथ मिलकर काम करेंगे।
  • – इन नेताओं ने कहा कि आतंकवाद का खात्मा तभी संभव है, जब आतंकियों को पूरी दुनिया में कहीं भी सुरक्षित पनाह और मदद के लिए पैसा न मिले।
    आतंकवाद एक ग्लोबल डिसीज
    – ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि आतंकवाद एक ग्लोबल डिसीज है। सभी को मिलकर इससे लड़ने की जरूरत है।
    – जी-20 देशों के नेताओं ने आतंक के लिए फाइनेंशियल मदद न करने और एकसाथ इसका बायकॉट करने का संकल्प लिया। इसके अलावा एक दूसरे की मदद करने की बात भी कही।
    मोदी ने कहा- लश्कर-जैश या IS-अलकायदा, सिर्फ नाम अलग- विचारधारा एक
    – नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को G-20 देशों से आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाने की मांग की। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा- “कुछ देश सियासी फायदा उठाने के लिए टेरेरिज्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। लश्कर हो या जैश या फिर, आईएस या अल कायदा, इन आतंकी संगठनों के नाम अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन विचारधार एक जैसी है। आतंकवाद के खिलाफ कुछ देशों का रवैया कमजोर है।”
    – मोदी ने कहा- “ग्रुप 20 के देशों को उन देशों के ऑफिशियल्स को अपने यहां एंट्री पर बैन लगाना चाहिए जो आतंकवाद को समर्थन देेते हैं, इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
    – मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ 11 प्वॉइंट का एक्शन एजेंडा भी पेश किया। इस बात की जानकारी फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गोपाल बागले ने दी।
    पीएम ने ट्रंप से भी की बात
    – मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश पीएम टेरेसा मे, जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत की। इसके अलावा मोदी ने ब्रिक्स नेताओं के साथ मीटिंग में ब्राजील के राष्ट्रपति ट्रेमर और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ भी मुलाकात की। बाद में मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे और कनाडा के प्रधानमंत्री से बाइलेटरल टॉक में कई मुद्दों चर्चा की।
    क्या है जी-20?
    – जी-20 का मतलब ग्रुप 20 से है। ये दुनिया के 20 ताकतवर देशों और यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों का समूह है। इसकी स्थापना 1999 में 7 देशों अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, फ्रांस और इटली के विदेश मंत्रियों ने की थी। लेकिन 2008 में फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद इस फोरम की अगुआई ग्रुप के देशों के शीर्ष नेताओं को दे दी गई।
    – इस ग्रुप का दुनिया की 85 फीसदी इकोनॉमी औऱ 75 फीसदी व्यापार पर कंट्रोल है। अमेरिका, कनाडा, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन और भारत समेत 20 देश हर साल समिट में मिलते हैं और दुनिया के आर्थिक हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *