Panama Leaks Case:Pakistan Disqualified Nawaz Sharif

Panama Leaks Case: Supreme Court Of Pakistan Disqualified Nawaz Sharif

After the Supreme Court’s decision in the Panama Paper Leak case, Pakistan’s Prime Minister Nawaz Sharif has resigned from the post. On Friday, the Supreme Court has convicted him in this case. The bench of five judges headed by Justice Asif Saeed Khosa ordered the case against Sharif and his children. The court also disqualified Sharif and Pakistan’s finance minister Mohammad Ishaq Dar for the post. Apart from this, the court has ordered the National Accountability Bureau to do the matter within six weeks. It is worth mentioning that three times Pakistan’s Prime Minister Nawaz and his family have allegations like taxation and money laundering.

पनामा पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया है। जस्टिस आसिफ सईद खोसा की अगुआई वाली पांच जजों की बेंच ने शरीफ और उनके बच्चों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने शरीफ व पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद इशाक डार को भी पद के लिए अयोग्य ठहराया है। इसके अलावा कोर्ट ने नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो को इस मामले का निपटारा 6 हफ्तों के अंदर करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि तीन बार पाकिस्तान के PM रहे नवाज और उनके परिवार पर करप्शन और मनी लांड्रिंग जैसे आरोप हैं। 3

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– पांच जजों की बेंच में जस्टिस आसिफ सईद खोसा, जस्टिस एजाज अफजल खान, जस्टिस गुलजार अहमद, जस्टिस शेख अजमद सईद और जस्टिस इजाजुल अहसान शामिल थे। शरीफ के खिलाफ यह फैसला सुप्रीम कोर्ट रूम नं. 1 में सुनाया गया।
– इस केस में पिटीशन दाखिल करने वाले आवामी मुस्लिम लीग चीफ शेख राशिद, जमात-ए-इस्लामी के चीफ सिराजुल इस्लामी हक के कोर्ट में मौजूद थे।
– तनाव की आशंका देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आसपास सिक्युरिटी टाइट कर दी गई है। इस्लामाबाद पुलिस और पंजाब रेंजर्स समेत अन्य फोर्सेज के करीब 3 हजार जवान तैनात किए गए हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाज शरीफ को पीएम पद से हटाए जाने के बाद उनके छोटे भाई और पंजाब के सीएम शहबाज शरीफ के पीएम बनने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, शाहबाज पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य नहीं हैं। इसके चलते उन्हें पीएम बनने के लिए चुनाव लड़ना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स में पीएमएल-एन के एक लीडर के हवाले से बताया जा रहा है कि शाहबाज के उप-चुनाव में पीएम चुने जाने तक 45 दिनों के लिए अंतरिम पीएम के रूप में डिफेंस मिनिस्टर ख्वाज आसिफ, स्पीकर अयाज सादिक, बिजनेसमैन शाहिद अब्बासी के नाम रेस में हैं।

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– पनामा मामले की जांच कर रही 6 मेबर्स वाली जेआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी।
– इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एजाज अफजल की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की पीठ ने अपना फैसला 21 जुलाई को सुरक्षित रख लिया था।
– इससे बाद सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया. जस्टिस एजाज अफजल की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
– रिपोर्ट में कहा गया है कि 1990 में पीएम के तौर पर अपने दूसरे टेन्योर में शरीफ की फैमिली ने लंदन में प्रॉपर्टीज खरीदी थीं।
– रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीफ और उनके बच्चों की लाइफस्टाइल उनकी आय सोर्स से कहीं ज्यादा थी। जेआईटी ने रिपोर्ट में इनके खिलाफ करप्शन का नया केस दायर करने की सिफारिश की है।
– हालांकि, शरीफ ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जेआईटी की रिपोर्ट खारिज कर दी है।
– शरीफ फैमिली के लंदन के 4 अपार्टमेंट से जुड़ा मामला उन 8 मामलों में शामिल है जिनकी नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 1999 में जांच शुरू की थी।
– सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को दिए अपने फैसले में जेआईटी से कहा था कि वह लंदन फ्लैट्स की खरीद में की गई पैसों की हेराफेरी की जांच करे।
– शरीफ परिवार की गल्फ स्टील मिल, कतारी लेटर, ऑफशोर कंपनियों और अन्य मामलों में कोर्ट ने 12 सवाल भी पूछे थे।

What is Panama Papers Leak?क्या है पनामा पेपर्स लीक?

– पिछले साल ब्रिटेन से लीक हुए टैक्स डॉक्युमेंट्स बताते हैं कि कैसे दुनियाभर के 140 नेताओं और सैकड़ों सेलिब्रिटीज ने टैक्स हैवन कंट्रीज में पैसा इन्वेस्ट किया।
– इनमें नवाज शरीफ का भी नाम शामिल है। इन सेलिब्रिटीज ने शैडो कंपनियां, ट्रस्ट और कॉरपोरेशन बनाए और इनके जरिए टैक्स बचाया।
– लीक हुए डॉक्युमेंट्स खासतौर पर पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में हुए इन्वेस्टमेंट के बारे में बताते हैं।
– सवालों के घेरे में आए लोगों ने इन देशों में इन्वेस्टमेंट इसलिए किया, क्योंकि यहां टैक्स रूल्स काफी आसान हैं और क्लाइंट की आइडेंडिटी का खुलासा नहीं किया जाता।
– पनामा में ऐसी 3.50 लाख से ज्यादा सीक्रेट इंटरनेशनल बिजनेस कंपनियां हैं।

What charges are made against Nawaz and his family?

– नवाज शरीफ के बेटों हुसैन और हसन के अलावा बेटी मरियम नवाज ने टैक्स हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कम से कम चार कंपनियां शुरू कीं। इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी।
– शरीफ फैमिली ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपए का लोन लिया। इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने उनकी मदद की।
– नवाज और उनके परिवार पर आरोप है कि इस पूरे कारोबार और खरीद-फरोख्त में अनडिक्लियर्ड इनकम लगाई गई।

कैसे सामने आया नाम?

– शरीफ की विदेश में इन प्रॉपर्टीज की बात उस वक्त सामने आई जब लीक हुए पनामा पेपर्स में दिखाया गया कि उनका मैनेजमेंट शरीफ के परिवार के मालिकाना हक वाली विदेशी कंपनियां करती थीं।

Whose documents were leaked, what is Mosek?

– ये डॉक्युमेंट्स मोसेक फोंसेका (Mossack Fonseca) के लीक हुए थे। यह लीगल फर्म है, जिसके 35 देशों में ऑफिस हैं। इन डॉक्युमेंट्स में 2 लाख 14 हजार अकाउंट्स का जिक्र था। ये करीब 40 साल से पनामा की बैंकों में हैं।
– 1977 में बनी मोसेक फोंसेक का हेडक्वॉर्टर पनामा में है। यह दुनियाभर की कंपनियों या लोगों से मोटी फीस लेकर उन्हें फाइनेंशियल मैटर्स पर एडवाइज देती है।
– इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एडवाइज की आड़ में यह कंपनी ऑफशोर कंपनियां बना देती हैं। यानी आप फीस दीजिए और सीक्रेट और आसान टैक्स सिस्टम वाले देशों में कंपनियां बना लीजिए। यह लीगल फर्म लोगों की ऑफशोर कंपनियां बनाती हैं जो संबंधित देशों के टैक्स नियमों से तो चलती हैं लेकिन रियल ओनरशिप को छुपा देती हैं।

डॉक्युमेंट्स किसे मिले?

– जर्मन अखबार Sueddeutsche Zeitung ने अपने एक सोर्स के जरिए ये डॉक्युमेंट्स हासिल किए। साइज में यह डेटा 2.6 टेराबाइट है। यह विकीलीक्स के जूलियन असांजे और सीआईए के एक्स एजेंट एडवर्ड स्नोडेन के जारी किए गए डेटा से कई गुना ज्यादा है।
किसने की रिसर्च?
– जर्मन डेली को मिले 1.5 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट्स पर इंटरनेशनल कंजोर्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ने रिसर्च की थी। ये डॉक्युमेंट्स 1975 से 2015 तक के थे। इस कंजोर्शियम दुनियाभर के 100 से ज्यादा मीडिया हाउस के 370 जर्नलिस्ट थे। इनमें कुछ भारतीय जर्नलिस्ट्स भी थे।

कितने बड़े नाम?

– इस लिस्ट में 12 मौजूदा या एक्स वर्ल्ड लीडर्स शामिल हैं। इनमें रशियन प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ, चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग जैसे 140 नेता शामिल थे। पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो का नाम भी आया था। बता दें कि भुट्टो की एक आतंकी हमले में मौत हो चुकी है। यूक्रेन के प्रेसिडेंट और सऊदी अरब के किंग का नाम भी इस लिस्ट में था। हॉलीवुड स्टार जैकी चैन भी इसी लिस्ट का हिस्सा थे।
– स्पोर्ट्स फील्ड से बड़ा नाम लियोनोल मैसी शामिल का था, वे अर्जेंटीना के फुटबॉलर हैं।

कितने भारतीय?

– इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस लिस्ट में 500 भारतीयों, कंपनियों और ट्रस्ट्स के नाम थे। अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन भी सवालों के घेरे में आए थे। डीएलएफ के प्रमोटर केपी सिंह, इंडियाबुल्स के समीर गहलोत, गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद अडाणी और अंडरवर्ल्ड सरगना इकबाल मिर्ची के नाम लिस्ट में था।

अमिताभ और ऐश्वर्या का नाम क्यों?

– अमिताभ:इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अमिताभ को चार कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में थी। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की आॅथोराइज्ड कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनिया उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी।
– ऐश्वर्या:इन्हें पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। जानकारी के मुताबिक, यह कंपनी 2005 में बनाई गई। तीन साल बाद यानी 2008 में बंद हो गई थी।

क्या कहा फर्म ने?

– लीक हुए डॉक्युमेंट्स के बाद मोसाक फोंसेका ने कहा कि यह क्राइम है और इसे हम अपने देश पनामा पर हमला मानते हैं। कंपनी के मुताबिक, कुछ देशों को हमारी कामयाबी पसंद नहीं आ रही है। वहीं, पनामा सरकार ने कहा था है कि वह संदिग्ध डील्स को लेकर जीरो टॉलरेन्स की पॉलिसी पर चलती है और अगर कोई देश कानूनी तौर पर जांच करेगा तो वह उसकी मदद करेगी।

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