Shekhawati Gangster Anandpal Encounter Story

Gangster Anandpal Encounter Story:यहां से शुरू हुई गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर की कहानी

जिस आनंदपाल को एसओजी एक साल से तलाश कर रही थी, उसे पकड़ने की कहानी नोहर से शुरू हुई थी। पुलिस ने 27 मई को नोहर के हिस्ट्रीशीटर सुनील उर्फ गोलिया के ड्राइवर सन्नी को गिरफ्तार किया था। इस दौरान खुद गोलिया भागने में कामयाब हो गया था लेकिन कार में उसका मोबाइल छूट गया था। जब पुलिस ने गोलिया के मोबाइल के नंबरों की जांच की तो पता चला कि उसके पास आनंदपाल के भाई गुर्गों विक्की और देवेंद्र उर्फ गट्टू सहित कइयों के के नंबर फीड थे। इसके बाद पुलिस ने उक्त मोबाइल एसओजी को सौंप दिया।

– इसके बाद आनंदपाल को पकड़ने के लिए एसओजी की टीम नोहर में सात दिन तक डेरा डाले बैठी रही लेकिन आनंदपाल हाथ नहीं आया।
– इससे पहले एसओजी ने श्रीबिजयनगर और रामसिंहपुर क्षेत्र में आनंदपाल के ठहरने की सूचना पर निगरानी की लेकिन उन दिनों आनंदपाल यहां भी एसओजी के हत्थे नहीं चढ़ा।
– एसओजी ने गोलिया के मोबाइल से मिले विक्की देवेंद्र उर्फ गट्टू के नंबर से लोकेशन ट्रेस करवाई। उस दौरान ये दोनों आरोपी हरियाणा के हिसार जिले में शरण लिए हुए थे। उसी लोकेशन के आधार पर पुलिस ने विक्की और देवेंद्र उर्फ गट्टू को हरियाणा से गिरफ्तार किया। – इन दोनों से ही आनंदपाल के ठिकाने का पता चला और उसे एनकाउंटर किया जा सका।
विक्की देवेंद्र उर्फ गट्टू करते थे आनंदपाल के ठहरने की व्यवस्था
– नोहर सीआई रणवीरसिंह सांई ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर गोलिया के ड्राइवर सन्नी ने पूछताछ में खुलासा किया था कि विक्की और देवेंद्र उर्फ गट्टू दोनों आनंदपाल के फरारी काटने के लिए ठिकाना तलाशते थे।
– दोनों कई बार अपनी स्कॉर्पियो से गोलिया से मिलने के लिए उसके गांव लखासर आते थे। इधर श्रीगंगानगर में भी श्रीबिजयनगर और रामसिंहपुर क्षेत्र में आनंदपाल के ठहरने की जानकारी सामने आई है।
– सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पिछले साल सितंबर के आसपास एसओजी की श्रीगंगानगर जिले में मूवमेंट देखी गई थी।
– एएसपी सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि आनंदपाल के यहां ठहरने की पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है। एसओजी ने कभी जिला पुलिस से इस संबंध में मदद भी नहीं मांगी।
– एसओजी ने अपने स्तर पर ही निगरानी और दबिश के प्रयास किए तो इसकी उनके पास जानकारी नहीं है। इस बात की तो पुष्टि हो रही है कि नोहर भादरा में आनंदपाल आकर रुकता था। एसओजी की टीम गोलिया की तलाश कर रही है।
– इधर आनंदपाल के गिरफ्तार किए गए भाई विक्की और गुर्गे गट्टू से जानकारी हासिल कर एसओजी श्रीगंगानगर में भी आनंदपाल को शरण देने वालों को गिरफ्तार कर सकती है।
– वहीं, हनुमानगढ़ पुलिस का मानना है कि जिले में कई ऐसी बड़ी वारदातें हुईं, जिनमें आनंदपाल गैंग का सीधा-सीधा हाथ था। पुलिस ने अब उन फाइलों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
हिस्ट्रीशीटर गोलिया से वॉट्सऐप पर बात करते थे विक्की और गट्टू
– आनंदपाल के भाई विक्की और देवेंद्र उर्फ गट्टू के हिस्ट्रीशीटर सुनील उर्फ गोलिया के वॉट्सएप पर मैसेज आते थे। गोलिया वॉट्सऐप पर ही दोनों से बातचीत करता था।
– नोहर सीआई रणवीरसिंह सांई ने बताया कि गोलिया कई मामलों में वांछित है। उस पर 21 मई को नोहर के नगरासरी गांव में फायरिंग करने का मुकदमा नोहर थाना में दर्ज है।
– वहीं, उस पर 24 मई को नोहर के ललानियां गांव में फिर से फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज है। उस पर सरदारशहर में 50 लाख रुपए की लूट करने का मुकदमा भी चल रहा है। सूत्रों की मानें तो भादरा में दिसंबर 2016 में हुई 75.50 लाख लूट भी आनंदपाल के भाइयों ने ही की थी।

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