sikar band News:सीकर जाम में हर तरफ दिख रहे सिर्फ जवान और किसान

sikar Kisan band News:सीकर जाम में हर तरफ दिख रहे सिर्फ जवान और किसान

सीकर. कर्ज माफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को सीकर में किसानों ने जाम कर रखा है। जिला मुख्यालय के सार्वजनिक स्थानों पर सिर्फ जवान और किसान ही दिखाई दे रहे हैं।

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अनेक जगहों पर हथियार बंद जवान तैनात किए गए हैं। सीकर शहर छावनी में तब्दील हो गया है।

 

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किसान कृषि उपज मंडी समिति में सभा करके कलक्ट्रेट का घेराव करने के लिए कूच करेंगे। ऐसे में कलक्ट्रेट के आस-पास धारा 144 लागू कर दी गई है।

 

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जिले के किसान कामरेड अमराराम व पेमाराम के नेतृत्व में सीकर कृषि उपज मंडी में एक सितम्बर से महापड़ाव डाले हुए हैं।

 

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सीकर में आरएसी व हाडीरानी बटालियन की कम्पनियां तैनात की गई हैं। जयपुर व जोधपुर रेंज से पुलिस जाप्ता बुलाया गया है।

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किसानों को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। रविवार को किसानों के समर्थन में टैक्सी यूनियन ने रैली निकाली। इससे पहले डीजे संचालकों ने रैली निकाल समर्थन दिया था।

 

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अनेक जगहों पर हथियार बंद जवान तैनात किए गए हैं। सीकर शहर छावनी में तब्दील हो गया है।

 

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जिलेभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

रोडवेज बसें सीकर डिपो में ही खड़ी रहीं। बसों का संचालन नहीं हो सका।

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राजपा नेता व विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा व निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल भी रविवार को सीकर पहुंचे थे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए।

 

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जाम को देखते हुए सीकर में इंटरनेट सेवाओं को रविवार रात 11 बजे बाद से बंद कर दिया गया। सिर्फ ब्रॉंडबैण्ड से इंटरनेट चल रहा है।

जिलेभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस व कोबरा टीम ने रात को भी फ्लैग मार्च किया।

आंदोलन को चक्का जाम से पहले स्थगित करवाने दिनभर ड्रामा
– किसान आंदोलन को चक्का जाम से पहले स्थगित करवाने को लेकर दिनभर ड्रामा होता रहा। सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवां व बिजली निगम के सीएमडी श्रीमत पांडे सुबह करीब 10 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। आठ किसान नेताओं के प्रतिनिधि मंडल के साथ करीब 45 मिनट वार्ता हुई। प्रभारी मंत्री व पांडे ने किसानों की मांगों पर कमेटी गठित किए जाने का आश्वासन दिया। लेकिन किसान नेता ऋण माफी की घोषणा पर अड़े रहे।
– रिणवां ने बात सरकार तक पहुंचाई। तय हुआ कि इन मांगों के लिए मंत्री समूह स्तर पर ही बात हो सकती है। किसान नेताओं ने इसका फैसला महापड़ाव स्थल पर लेने की बात कही।
– एसडीएम जूही भार्गव दोपहर 3.20 बजे महापड़ाव स्थल पहुंची और मंत्री समूह से वार्ता का न्यौता देकर प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के नाम मांगे। अमराराम का दावा है कि महापड़ाव स्थल पर ही 11 लोगों के नाम दे दिए, लेकिन वार्ता का समय, जगह -और मंत्री समूह में कौन शामिल होंगे, प्रशासन ने इसकी जानकारी नहीं दी। इसलिए प्रतिनिधि मंडल जयपुर नहीं गया।
– इधर, प्रभारी मंत्री रिणवां का कहना है कि वार्ता कृषि भवन में तय थी। किसानों से जुड़े विभागों के मंत्रियों से ही किसान नेताओं की बात होनी थी। देर रात तक किसानों के साथ वार्ता नहीं हो पाई।
प्रशासन की कोशिश, किसान किसी हाल में मंडी से आगे नहीं बढ़ पाएं
पुलिस प्रशासन ने रात 1 बजे से ही बेरिकेडिंग शुरू कर दी। जयपुर रोड पर बालूराम कंपाउंडर की गली के पास, कल्याण सर्किल और कलेक्ट्रेट के चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है। जयपुर रोड, सिल्वर जुबली रोड, एसपी व कलेक्ट्रेट कार्यालय पर पुलिस तैनात थी। नवलगढ़ पुलिया और सालासर से आने वाले रास्तों पर भी पुलिस बेरिकेडिंग कर रही है। प्रशासन और पुलिस हर हालत में किसानों को मंडी से आगे नहीं जाने देना चाहती है।
किसानों की तैयारी
– 300 स्थानों पर किसान चौकियां बनाकर चक्का जाम करेंगे। इसमें हाईवे, गांव और कस्बों से निकलने वाली प्रमुख सड़कें शामिल होगी।
– किसान सुबह आठ बजे कलेक्ट्रेट पर कूच करेंगे। कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। इस ओर जाने वाले रास्तों पर चक्का जाम करेंगे।
– महापड़ाव स्थल तरह किसान कलेक्ट्रेट के सामने ही खाना पकाएंगे। इसकी जिम्मेदारी भी किसान कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।
प्रशासन की रणनीित
– कलेक्ट्रेट से दो किमी के दायरे में प्रशासन ने धारा 144 लागू की है। यानी पांच से ज्यादा लोग यहां एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
– कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1500 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए हैं।
– मंत्री समूह से किसान नेताओं की वार्ता करवाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि चक्का जाम से लोगों को परेशानी न हो।
प्रशासन ने वार्ता का समय, स्थान और मंत्रियों के नाम ही नहीं बताए : अमराराम
– सरकार किसानों से वार्ता करने के लिए तैयार थी। बुलावे के बावजूद आपका प्रतिनिधि मंडल वार्ता करने के लिए जयपुर क्यों नहीं गया।
– प्रशासन ने यह नहीं बताया कि वार्ता कहां, कितनी बजे और किन मंत्रियों के साथ करवाई जाएगी। ऐसे में हम वार्ता के लिए कैसे चले जाते।
– चक्का जाम की घोषणा को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू की है। ऐसे में कलेक्ट्रेट का घेराव कैसे करेंगे।
– सरकार और प्रशासन अड़ा हुआ है तो किसान भी कलेक्ट्रेट पर कूच करके धारा 144 तोड़ेंगे। हम पीछे नहीं हटेंगे। किसानों की मांगें जायज हैं। हम हर कीमत पर हक हासिल करके रहेंगे

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