Sikar News: Maharashtra And Sujangarh Police Resorted To Investigate Imran’s

जियो कंपनी का डाटा चोरी का मामला: महाराष्ट्र व सुजानगढ़ पुलिस ने खंगाला इमरान का कमरा व कम्प्यूटर

सुजानगढ़

सुजानगढ़. महाराष्ट्र व सुजानगढ़ पुलिस ने बुधवार को रिलायन्स जियो कंपनी के 12 करोड़ यूजर्स के गोपनीय डाटा हैक कर चुराने और सार्वजनिक करने के आरोपित के कमरे को खंगाला।

पुलिस ने आरोपित इमरान को एसीजेएम श्यामकुमार व्यास के समक्ष पेश किया। जहां न्यायाधीश ने आरोपित को मुंबई ले जाने के लिए दो दिन का ट्रांजिस्ट पास दिया। पुलिस के मुताबिक मामले में गिरफ्तार आरोपित सुजानगढ़ में वार्ड 10 (धिंगानिया बास) निवासी इमरान टाक (24) के घर पर बुधवार को पांच घंटे तलाशी लेकर जांच की। महाराष्ट्र के नवी मुम्बई के रबाले एमआईडीसी पुलिस थाने के डीसीपी दीपक ठोले, निरीक्षक उमेश गवली व वैभव स्वामी, हवलदार कलगुटकर सुबह साढ़े 11 बजे एएसपी कार्यालय से आरोपित  को साथ लेकर उसके घर पहुंचे। यहां सीज किए गए कमरे को खोलकर खंगाला।  साइबर विशेषज्ञ कंपनी व पुलिस अधिकारी घर के कम्प्यूटर व अन्य उपकरणों की जांच करके यह पता लगाने में जुटे रहे कि इमरान को यह डाटा कब व किससे मिला। आरोपित ने डाटा किसे व कहां शेयर किया है।

अन्य आरोपित आ सकते हैं शिकंजे में

अब तक की जांच से आगे मिलान व सत्यापन के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी मामले की अधिक जानकारी देने और मीडिया के सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। इसका कारण जियो कम्पनी की साख माना जा रहा है। क्योंकि जियो के 12 करोड़ यूजर्स के डाटा एक वेब साईट पर लॉक थे। जिनमें आधार नम्बर, मोबाईल नम्बर सहित कई व्यक्तिगत जानकारियां थी।

कंपनी का दावा, सुरक्षित है यूजर्स का डाटा

जानकारी के अनुसार मैजिकापीक पर दावा किया गया है कि जियो के यूजर्स के डाटा लीक कर इस वेबसाइट पर ऑनलाईन पोस्ट कर दिया गया। जो आगे शेयर होकर सार्वजनिक हो गए। ऐसा की कृत्य इमरान किया है। जियो कम्पनी के प्रवक्ता ने बताया कि वेबसाइट के दावों की जांच करवा रहे हैं। प्रथम दृष्टया वेबसाइट का डाटा अविश्वसनीय लगता है। हमारे ग्राहकों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है। क्योंकि डाटा केवल प्रशासन के साथ शेयर किया जाता है।

 

इमरान के तार जयपुर-हैदराबाद तक

गिरफ्तार आरोपित इमरान ने जयपुर में एमसीए कर कम्प्यूटर का ज्ञान लिया। इसके बाद वह हैदराबाद भी रहा। आरोपित के पिता अख्तर रंगाई बंधेज का काम करते हैं। उसका छोटा भाई फिरोज व एक बहन है। आरोपित की शादी सात-आठ माह पहले बीकानेर हुई थी।

अन्य जनों को छोड़ा

इमरान के मिलते-जुलते नाम को लेकर इसके घर के सामने रहने वाले इमरान व उसके तीन भाईयो व एक काम करने वाले को पुलिस ने मंगलवार को राउंड अप कर लिया था। जिन्हें 11 घंटे बाद छोड़ दिया गया। गिरफ्तार इमरान ने 5-6    दिन पहले ही अपने घर पर अंकित वाईफाई से कनेक्शन लिया था। इस कारण महाराष्ट्र पुलिस ने इसके स्थानीय प्रतिनिधि को दो बार इमरान के घर बुलाकर कनेक्शन व डाटा के बारे में जानकारी ली।

फूंक-फूंक कर कदम उठा रही पुलिस

मामला जियो कम्पनी से जुड़ा होने के कारण महाराष्ट्र पुलिस फूंक-फंूक कर कदम उठाते हुए जानकारी जुटा रही है। पुलिस की मौजूदगी के दौरान इमरान के घर के सामने लोगों की भीड़ जुट गई।

ये जानकारियां हुई लीक

वेबसाइट यूजर्स का फस्र्ट नेम, लास्ट नेम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नम्बर, सिम कार्ड का एक्टिवेशन डेट जैसी डिटेल्स पब्लिक में जारी कर रही थी। कभी जानकारियां दिख रही थी तो कभी नहीं। फिलहाल वेबसाइट को होस्टिंग पेज से हटा दिया गया है। अब होम पेज खोलने पर रिसोर्स लिमिट हेज बीन रीच्ड मैसेज दिखाई देता है। वहीं डोमेन के मालिक की कोई डिटेल नहीं दिख रही है।

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