Urge Students To Avoid Buying Chinese Goods

Avoid Buying Chinese Goods:मुंबई में प्रिंसिपल्स एसोसिएशन की अपील

Here an association of the School Principles has asked students not to buy goods made in China. This has been done due to the confrontation between the Indian and the Chinese army in the Dokalm area of Sikkim. However, the association says that this is not an order, but an appeal. Nobody has been compelled for this.

Avoid Buying Chinese Goods

यहां स्कूल प्रिंसिपल्स के एक एसोसिएशन ने स्टूडेंट्स से चीन में बने सामान न खरीदने की अपील की है। ऐसा सिक्किम के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी टकराव की वजह से किया गया है। हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि यह कोई ऑर्डर नहीं है, बल्कि अपील है। इसके लिए किसी को मजबूर नहीं किया गया है।

“द मुंबई स्कूल प्रिंसिपल्स” एसोसिएशन के सेक्रेटरी प्रशांत रेडिज ने सोमवार को कहा, “मेरा मानना है कि हमारे नेताओं को सपोर्ट करने के लिए यह जरूरी था।”

– उन्होंने कहा, “हमने इस संबंध में एक ड्राफ्ट तैयार किया है। एसोसिएशन के सभी मेंबर्स की मंजूरी मिलने के बाद इसे मुंबई के स्कूलों में भेजेंगे।”

– मुंबई में इस एसोसिएशन के तहत आने वाले 1500 स्कूल हैं।

– रेडिज ने कहा, “हम अपनी अपील के कानूनी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह ऑर्डर नहीं अपील है। हम इसे (अपील) बना रहे हैं, क्योंकि हम अपने लेवल पर सोचते हैं। बॉर्डर पर चीन की हरकतों का जवाब देने के लिए हमें कुछ करना चाहिए।”

चीन से जंग का जवाब मेड इन चाइना पेन से नहीं

– इंटरनेशनल ट्रेड एग्रिमेंट्स और भारत सरकार के उससे बंधे होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “हम इस बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते, लेकिन यह समझते हैं कि इस पर पूरी तरह रोक लगाना मुमकिन नहीं है।”

– रेडिज ने कहा, “मैं जानना चाहता हूं कि अगर कोई देश हमारी सीमा पर परेशानी खड़ी कर रहा है तो उसके साथ कारोबारी रिश्ते कैसे बरकरार रखे जा सकते हैं?”

– “स्कूलों में हम स्टूडेंट्स को हिस्ट्री में भारत-चीन जंग के बारे में पढ़ाते हैं। बताते हैं कि देश से इससे क्या नुकसान हुआ। ऐसे में स्टूडेंट्स जवाब लिखने के लिए मेड इन चाइना प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करें। यह गलत है।”

Avoid  Chinese Goods

किसी पर दबाव नहीं बनाया

– रेडिज ने कहा, “किसी भी स्टूडेंट को चीनी सामान न खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। यह उनका या उनके परिवार का निजी फैसला होगा। ऐसा करने के लिए किसी स्कूल पर दबाव नहीं डाला गया है। हम सिर्फ अपील कर रहे हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं।”

तीन हफ्ते से भारतचीन बॉर्डर पर है तनाव

– बता दें कि भारत-चीन के बीच सिक्किम के डोकलाम एरिया में ट्राई जंक्शन पर पिछले तीन हफ्ते से तनाव चल रहा है। ट्राई जंग्शन चीन और भूटान के बीच वह विवादित हिस्सा है, जहां चीन-भारत-भूटान के बॉर्डर मिलते हैं।

– डोकलाम इलाके में चीन की सेना के सड़क बनाने की वजह से यह विवाद शुरू हुआ। भारतीय सेना ने इसका विरोध किया था।

– विवाद वाली इस जगह को भूटान में डोका ला, भारत में डोकलाम और चीन में डोंगलांग कहा जाता है।

– जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक भारत का 3488 किलोमीटर का बॉर्डर चीन से लगता है। इसमें से 220 किलोमीटर का हिस्सा सिक्किम वाले इलाके में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *